हम हमेशा स्टेज पर होते हैं

हम हमेशा स्टेज पर होते हैं

मैंने ये बात अब मान ली है कि मैं कभी भी ग्लॉसी फैशन मैगज़ीन के कवर पर दिखने वाली लड़की की तरह नहीं दिखूंगी. हालांकि इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि मैं खुद को हारा हुआ मानती हूं! मेरा मानना है कि हम हर दिन स्टेज पर होते हैं, हर दिन चाहे हम कोई भी हों या कुछ भी हों. आप में से वो लोग जो मेरा ब्लॉग पढ़ते हैं वो जानते होंगे कि मैं ड्रेसिंग और खुद को प्रेज़ेंट करने को लेकर काफी कट्टर हूं. हालांकि मैं कोई फैशन प्यूरिस्ट नहीं हूं पर फिर भी मैं कुछ उसूलों के तहत चलने में विश्वास रखती हूं.
 
जो भी मैं आपको बताने वाली हूं उसमें कुछ नया या अनोखा नहीं है पर इन बातों को लोग आसानी से भूल जाते हैं या नज़रअंदाज़ कर देते हैं क्योंकि मैं रोज़ लोगों को ये गल्तियां करते हुए देखती हूं.
 
अपनी बॉडी के लिए ड्रेस करें – पार्ट 1. आपके पास जो शरीर है उसके हिसाब से ड्रेस करें ना कि उसके लिए जो आप पाना चाहती हैं. अपने शरीर को अपनाएं और उसे समझें. या अगर आप सच में एक बदलाव लाना चाहती हैं, तो बेशक ऐसा करें. स्टाइल साइज़ से बंधा नहीं है. स्टाइल है ये जानना की आपको क्या सूट करता है और इसे आराम से और ग्रेस के साथ कैरी करना. तभी आप अपना व्यक्तिगत स्टाइल बनाते हैं. हो सकता है कि आपको लेदर पैंट्स बेहद पसंद हों पर शायद लेदर पैंट्स को आप बिल्कुल ना पसंद हों. इसका मूल है इतना परिपक्व होना की ऐसी चीज़ों को जाने देना. मिसाल के तौर पर मैंने ये बात स्वीकार कर ली है कि जंपसूट या रॉम्पर और मैं कभी भी दोस्त नहीं हो सकते हैं. पर अच्छी खबर ये है कि मैं दूसरी कई और स्टाइल्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर सकती हूं.
 
अपनी बॉडी के लिए ड्रेस करें – पार्ट 2. दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो ऐसे कपड़े पहनते हैं जो उन्हें फिट नहीं होते. वो या तो बहुत टाइट होते हैं या बहुत लूज़. टाइट कपड़े पहनने वाले लोग कृपया एक साइज़ बड़ा खरीदें. अगर टैग पर लिखा हुआ नंबर आपको रोक रहा है तो इसे हटा दें. पर भगवान के लिए ऐसे कपड़े ना पहनें जो आपके लिए बहुत छोटे हों, ऐसा करने से आप और मोटी ही लगेंगी. और ये बात हमेशा ध्यान रखें की स्टाइल का साइज़ से की लेना-देना नहीं है. अब उन लोगों की बात जो बहुत ढीले कपड़े पहनते हैं, जाइए और अपने लिए एक टेलर ढूंढिए. ऐसे कपड़े जो आपके लिए बहुत बड़े हों, वो भी आपको मोटा और बेतरतीब दिखाते हैं. जो लोग इंडिया में रहते हैं उनको बता दूं कि आपके आसपास दर्जनों दर्जीं मिल जाएंगे. जाइए मास्टरजी से थोड़ी दोस्ती कीजिए (जी हां मास्टरजी को भी मिल गया है मेकोवर). टेलरिंग से बहुत फर्क पड़ता है.
 

 

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